रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) ने नए शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रवेश शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के शुल्क में एकमुश्त 200 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अब 250 रुपये के बजाय 750 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए शुल्क 610 रुपये से बढ़ाकर 1750 रुपये कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय के इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। फीस में की गई यह बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है, जब पहले से ही शिक्षा से जुड़ी विभिन्न लागतों का बोझ परिवारों पर बढ़ रहा है। प्रवेश शुल्क में अचानक हुई इस वृद्धि को लेकर कई छात्र सवाल उठा रहे हैं और इसे उच्च शिक्षा को महंगा बनाने वाला कदम बता रहे हैं। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि एक साथ इतनी बड़ी बढ़ोतरी उनके बजट पर अतिरिक्त दबाव डालेगी।
छात्र संगठनों का विरोध
विश्वविद्यालय के इस निर्णय का छात्र संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि उच्च शिक्षा को आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ेगा। इससे पहले भी विश्वविद्यालय परीक्षा शुल्क में वृद्धि कर चुका है, जिससे छात्रों में नाराजगी बनी हुई है। छात्र संगठनों का कहना है कि यदि शुल्क वृद्धि वापस नहीं ली गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार कर सकते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक अवसर पहुंचाना होना चाहिए, न कि आर्थिक बाधाएं खड़ी करना। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक शुल्क वृद्धि के पीछे के कारणों को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस मुद्दे ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत के बीच नई बहस छेड़ दी है।


