बिलासपुर। बिलासपुर संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की कमी को दूर करने के लिए पशुधन विकास विभाग ने लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के 40 पद पिछले करीब एक वर्ष से खाली पड़े थे, जिसके कारण ग्रामीण इलाकों में पशु उपचार और विभागीय योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा था। अब जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड की मदद से इनमें से 24 पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 8 जुलाई तक आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं।
पदों के लंबे समय तक खाली रहने से पशुधन विकास विभाग की कई योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं, जिससे मवेशियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रिक्त पदों के कारण कई पशु अस्पताल सीमित संसाधनों के सहारे संचालित हो रहे थे और अनेक स्थानों पर नियमित सेवाएं प्रभावित थीं।
सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की कमी का सबसे अधिक असर दूरस्थ गांवों में देखने को मिला। पशुओं के टीकाकरण कार्यक्रम समय पर नहीं हो पा रहे थे, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया था। इसके अलावा कृत्रिम गर्भाधान, पशु स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य विभागीय योजनाओं के संचालन में भी कठिनाइयां आ रही थीं। कई बार गंभीर रूप से बीमार पशुओं के उपचार के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
ग्रामीण पशुपालकों का कहना है कि पशु चिकित्सकीय सेवाओं की कमी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। समय पर उपचार नहीं मिलने से कई मवेशियों की मौत हो गई, जिससे किसानों और पशुपालकों की आजीविका प्रभावित हुई। पशुपालन पर निर्भर परिवारों के लिए यह स्थिति बड़ी चुनौती बन गई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संविदा नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रशासन का मानना है कि रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने के बाद पशु चिकित्सा सेवाओं में सुधार आएगा और विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सकेगा। साथ ही पशुओं के टीकाकरण, उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को भी गति मिलेगी।
विभाग द्वारा जारी भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित पात्रता रखने वाले उम्मीदवार 8 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित अधिकारियों की नियुक्ति विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में की जाएगी, जिससे लंबे समय से बनी कर्मियों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।


